Tue. Jul 7th, 2020

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एक नई पहचान

Ghadi Men Baj Gail Char

Ghadi Men Baj Gail Char-घड़ी में बज गइल चार

आइल बानी ये रानी दिन भर खट के
नींद खराब जनी करा तू सट के
थाकल शारीरिया हमार

घड़ी में बज गइल चार प्यार पिया करबों न कईला
देहिया मे चढ़ल खुमार प्यार पिया करबों न कईला
घड़ी में बज गइल चार प्यार पिया करबों न कईला
देहिया मे चढ़ल खुमार प्यार पिया करबों न कईला

बोला आज खईले बाडु कवन टैब्लेट हो
सामने बा तोहरा इसलेट हो कुछ लिखा पगलेट हो

बोला आज खईले बाडु कवन टैब्लेट हो
सामने बा तोहरा इसलेट हो कुछ लिखा पगलेट हो

मिली मोहबब्त न अइसे झपट के
बात करा तानी हमसे दूर हट के
बहस कईल बा बेकार

घड़ी में बज गइल चार प्यार पिया करबों न कईला
देहिया मे चढ़ल खुमार प्यार पिया करबों न कईला
घड़ी में बज गइल चार प्यार पिया करबों न कईला
देहिया मे चढ़ल खुमार प्यार पिया करबों न कईला

तूर देबू का आजे का दहेज के पलंगीया
देखा ए ना सइयाँ अतरंगिया फरकत बा अलंगीया
तूर देबू का आजे का दहेज के पलंगीया
देखा ए ना सइयाँ अतरंगिया फरकत बा अलंगीया

लेबू ए जान गोरी अइसे पलट के
हो जाई दूबर जवानी ए घट के
कर देबू का तू बीमार

घड़ी में बज गइल चार प्यार पिया करबों न कईला
देहिया मे चढ़ल खुमार प्यार पिया करबों न कईला
घड़ी में बज गइल चार प्यार पिया करबों न कईला
देहिया मे चढ़ल खुमार प्यार पिया करबों न कईला

itna na yaad aaya karo